दुनिया भविष्य में, हम अतीत में

दुनिया भविष्य में, हम अतीत मेंरवि अरोड़ापंजाबी की कहावत है ' ना मैं गिनी, ना मेरे घट्टे ' यानी जब तक हमनें अपनी जेब के सिक्के गिनें ही नहीं तब तक वे भला कम ही कैसे होंगे । कुछ यही हाल आजकल हमारा है। पूरी दुनिया में कोहराम मचा है…

निभाया नहीं केवल माना जा रहा है धर्म

निभाया नहीं केवल माना जा रहा है धर्मरवि अरोड़ाहो सकता है कि धर्म किसी के लिए केवल आस्था का विषय हो मगर दर हक़ीक़त यह है कि धर्म हमारी संस्कृति, सामाजिक जीवन और सामूहिक स्मृति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है । इसी रौशनी में जब हम देखते हैं कि मुल्क…

अजब तेरी कारीगरी रे सरकार

अजब तेरी कारीगरी रे सरकाररवि अरोड़ाबात ज्यादा पुरानी नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड अपनी पर्स में रखता था। एक बार मासिक बिल आया 2307 रुपए । मैने लमसम तेईस सौ रुपए तो जमा कर दिए मगर सात रुपए यह सोच कर छोड़ दिए कि अगले महीने के बिल…

दुनिया भविष्य में, हम अतीत में

दुनिया भविष्य में, हम अतीत मेंरवि अरोड़ापंजाबी की कहावत है ' ना मैं गिनी, ना मेरे घट्टे ' यानी जब तक हमनें अपनी जेब के सिक्के गिनें ही नहीं तब तक वे भला कम ही कैसे होंगे । कुछ यही…

निभाया नहीं केवल माना जा रहा है धर्म

निभाया नहीं केवल माना जा रहा है धर्मरवि अरोड़ाहो सकता है कि धर्म किसी के लिए केवल आस्था का विषय हो मगर दर हक़ीक़त यह है कि धर्म हमारी संस्कृति, सामाजिक जीवन और सामूहिक स्मृति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है…

अजब तेरी कारीगरी रे सरकार

अजब तेरी कारीगरी रे सरकाररवि अरोड़ाबात ज्यादा पुरानी नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड अपनी पर्स में रखता था। एक बार मासिक बिल आया 2307 रुपए । मैने लमसम तेईस सौ रुपए तो जमा कर दिए मगर सात रुपए…

भूखे वंदे मातरम् न होत गोपाला

भूखे वंदे मातरम् न होत गोपालारवि अरोड़ाअजब तमाशा है। जनता जनार्दन महंगाई के बोझ तले मरी जा रही है और सरकार वंदे मातरम् का राग अलाप रही है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी कहां महंगाई को विमर्श के केंद्र…

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