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चाय
चायएक मैं फीकी चाय नहीं पीतादूजा मैं ठंडी चाय नहीं पीताजिस चाय में चाह न होजी मैं ऐसी चाय नहीं…
पुण्य
पुण्यतुम्हें शर्तिया मिलेगा पुण्यजमीन पर गिरे किसी शरीर कोकुचलते तुम्हारे पांवयकीनन तुम्हें ले जाएंगेस्वर्गों तक ।आदमी को मसलता आदमीही तो…
ताश बनाम जिंदगी
सीख रहा हूं मैं भी अबताश खेलनाजिंदगी जैसा ही तो है यह खेलअगले पल क्या होगाकुछ पता नहींबेशक चलाकियां अक्सर…
गंगा से निकलीं तीन नहरें
गंगा से निकलीं तीन नहरेंदो सूखी और एक बहती ही नहींजो बहती ही नहींउसमें नहाने गए तीन पंडितदो डूब गए…