आओ मित्र आओ

मित्र ,
आओ खड़ताले बजायें
एक दूसरे की शान में
चिमटे, छैने , झाँझ-मंजीरे सब बजायें
परस्पर क़सीदे पढ़ें
और एक दूसरे की जय जयकार करें

मैं तुम्हारी हर बात पर वाह वाह कहूँ
तुम बात बेबात पर मेरी बलायें लो
आओ एक दूसरे की शान में खड़ताले बजायें

मित्र ,
मुझे तुम्हारी और तुम्हें मेरी ज़रूरत है
मगर क्या करें
तुम्हें मैं और मुझे तुम नहीं सुहाते
फिर भी आओ
एक दूसरे की शान में खड़ताले बजायें

मित्र,
हमारा विकास परस्पर बँधा है
मगर क्या करें
मेरे सुख में तुम दुखी होते हो
तुम्हारे दुःख से मैं ख़ुश होता हूँ
आओ इसे जतन से छुपाएँ
और एक दूसरे की शान में खड़ताले बजायें

मित्र,
जीवन बेमानी है
मगर शिनाख्त तुम्हें भी चाहिए और मुझे भी
ख़ास होने के तमग़े ने
तुम्हें भी बावला बना रखा है
और मुझे भी
तो आओ
एक दूसरे की शान में खड़ताले बजायें

मित्र ,
तुम मेरे और मैं तुम्हारा
मापक यंत्र हूँ
हम कितना आगे बढ़े
एक दूसरे को पछाड़ने से ही तो तय होता है
आओ अपने अपने यंत्रो को
माँझें , सजायें-सवारें
और एक दूसरे की शान में खड़ताले बजायें
मंजीरे , छैने , झाँझ-मंजीरे , चिमटे सब बजायें
आओ मित्र आओ

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