Poetry

अतीत

बच्चे अक्सर नाराज़ हो जाते हैंमाँ-बाप सेआख़िर एसे क्यों हैं माता-पिताक्यों हैंकुछ अधिक ही दोस्तानाडाँटते क्यों नहीं उन्हेंकोसते क्यों नहींउसके ...
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आओ मित्र आओ

मित्र , आओ खड़ताले बजायें एक दूसरे की शान में चिमटे, छैने , झाँझ-मंजीरे सब बजायें परस्पर क़सीदे पढ़ें और ...
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इतिहास

इतिहास मुझे डराता हैइससे भी अधिक डराता है मुझेख़ुद इतिहास हो जानातमाम सुख लुभाते हैंयूँ ही चुपके से फ़ना होने ...
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कड़ी

क्या करोगेजब तुम्हारे हाथ होभारी भरकम चेनचेन भी एसीकि बाँध ले हाथी भीक्या करोगेजब चेन की एक कड़ी होइतनी कमज़ोरकि ...
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कुट्टा

जा तेरी मेरी पक्की कुट्टाज़िंदगीअब तू मेरी दोस्त नहीं है दोस्तअब नहीं कहूँगाकुछ भी तुझसेसच सच बताक्यों कतरती है तूमेरी ...
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गंगा से निकलीं तीन नहरें

गंगा से निकलीं तीन नहरेंदो सूखी और एक बहती ही नहींजो बहती ही नहींउसमें नहाने गए तीन पंडितदो डूब गए ...
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गुमशुदगी

मेरी चीज़ें अक्सर हो जाती हैं गुम ना जाने कौन चुरा ले जाता है उन्हें हासिल करने तक वे रहती ...
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तुम हैरान हो ना ?

तुम हैरान हो ना ?इतने पुराने जोक पर भी मै क्यों खिलखिलाया ?तुम्हारा सवाल जायज हैसौ बार सुनी बात पर ...
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तू है मेरी बेटी

तू हीतू ही तू ही तू हीमेरे जिस्म के बाहर मेरा जिस्ममेरी रूह के बाहर मेरी रूहमेरे कुल वजूद के ...
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पाप

अब सुधर गया हूँ मैंअब नहीं होतामेरे हाथों कोई पाप बचपन में रौशनदान की सफ़ाई करतेमेरे हाथों फूट जाते थेअक्सर ...
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बूढ़े

जीवन में उत्साह ढूँढते हैं बूढ़ेउत्साहजो कहीं छूट गया हैपिछले किसी स्टेशन परअबसमय भी तो नहीं कटता बूढ़ों कातभी तोपास ...
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यादें

शर्मीली हैं मेरी यादेंनंग-धड़ंग आने से डरती हैंमुझ तकअदाएँ भी कुछ कम नहींख़ुद से पहले भेजती हैंफ़ुटनोट का हरकाराखट्टा , ...
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सफलता

उफ़सफलता की सीढ़ियाँ कितनी घुमावदार हैंकिए देती हैंमेरे भीतर के सभी दरवाज़ेएक एक करके बंदकुछ लोग भी फ़ना हो रहे ...
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सुनो भई गप-शप

सुनो भई गप सुनो भई शपके नदिया नाँव में डूबी जायसुनो भई गप सुनो भई शपके नदिया नाँव में डूबी ...
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सेवा भारती

सेवा भारती के राष्ट्रीय संघटन मंत्री व संघ के वरिष्ठ प्रचारकों में से एक बड़े भाई श्री राकेश जैन जी ...
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