रपट पड़े तो हर हर गंगे

दूर से कैशलेस इकॉनमी का राग सुहाना सा लगता है मगर निकट जाते ही ज़मीनी हक़ीक़त डराने लगती है । बिना तैयारी के देश को कैशलेस इकॉनमी की ओर ले जाने के इनदिनो हो रहे प्रयासों पर अब चर्चा तो बनती ही है ।

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