भक्तों का मार्ग दर्शक मंडल
भक्तों का मार्ग दर्शक मंडल
भगवान अपने भक्तों की परीक्षा लेते हैं। हमारे मोदी जी भी लेते हैं। भगवान विपरीत परिस्थित में डाल कर ऐसा करते हैं तो मोदी जी अपने वादे और घोषणा के विपरीत कार्य करके अपने भक्तों को संकट में डालते हैं । भगवान परीक्षा लेते हैं तो उसमें उत्तीर्ण होने का मार्ग भी सुझाते हैं मगर ‘ नॉन बायोलॉजिकल ‘ होने के बावजूद पता नहीं क्यों मोदी जी ऐसा कुछ भी नहीं करते ? जमाने से अपने भक्तों को रटवा रहे थे कि जाति जनगणना ‘ अर्बन नक्सल ‘ का षडयंत्र है और ‘ एक हैं तो सेफ हैं ‘ का पाठ पढ़ाते थे। उनके कथित उत्तराधिकारी योगी जी तो ‘ बंटोगे तो कटोगे ‘ तक का ऐलान करते थे । उधर , उनकी मातृ संस्था आरएसएस का तो मूल विचार ही ‘ हिंदुओं की एकजुटता ‘ था मगर फिर पता नहीं क्यों जातिगत जनगणना की घोषणा कर दी ? अपने ‘ देवतुल्यों ‘ की पूर्व की घोषणाओं के अनुरूप उनके लाखों करोड़ों भक्त वर्षों से सुबह शाम मीम बना बना कर सोशल मीडिया पर हिंदुओं की एकता का कोहराम मचाए हुए थे मगर अब मोदी जी ने बैठे बिठाए उन्हें ही ‘ थपड़िया ‘ दिया ? हाई कमान के ताजा टास्क के अनुरूप ‘ पाकिस्तान को छठी का दूध पिलाने ‘ में आजकल जुटे भक्त अब हक्के बक्के हैं कि किस मुंह से कहें कि ‘ एक हैं तो अनसेफ हैं ‘ , ‘ नहीं बंटे तभी कटेंगे ‘ अथवा ‘ सत्ता की मजबूरी है, बंटना जरूरी है ‘ ?
जब से पहलगाम का हादसा हुआ है पता नहीं क्यों मोदी जी भी नीतीश कुमार की राह पर चल पड़े हैं ? कब क्या कर बैठेंगे किसी को पता नहीं। जाना था कश्मीर पहुंच गए बिहार । मंचों पर मुंह लटकाना था मगर नेताओं के साथ खींसे निपोर दीं । ताजा हालात पर बैठक करनी थी सर्वदलीय मगर करने चले गए चुनावी रैली । सबक सिखाना था पाकिस्तान को मगर जाति जनगणना की घोषणा कर लग गए कांग्रेस और समाजवादियों के पीछे। घोषणा की थी कि सिंधु का पानी रोकेंगे मगर बूंद बूंद के लिए झगड़ रहे हरियाणा और पंजाब के हिस्से का पानी झेलम के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया । चुन चुन कर मारूंगा जैसे ऐलान तो कर दिए मगर बड़ा कुछ करना तो दूर बारह दिन से पाकिस्तान की कैद से बीएसएफ के जवान पूर्यम कुमार को वापिस लाने तक को भी फली नहीं फोड़ी । भक्त हैरान परेशान हैं कि अब किस मुंह से कहें कि हर हर मोदी-घर घर मोदी ?
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब मोदी जी ने अपने भक्तों की परीक्षा ली हो । नोटबंदी, काला धन, हर साल दो करोड़ रोजगार, सौ स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन, चीन को लाल लाल आंख दिखाने, विश्वगुरु, पांच ट्रिलियन की इकोनॉमी और किसानों की आय दोगुनी करने की डुगडुगी भक्तों से बजवा कर मोदी जी पहले भी कई बार उनकी जग हंसाई करवा चुके हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ और हर बार की तरह आई टी सेल से आए मीम्स को सुबह शाम सोशल मीडिया पर आगे सरका कर कुछ बड़ा होगा कुछ बड़ा होगा का राग अलाप रहे थे । मगर मोदी जी ने बड़े के नाम पर पाकिस्तान नहीं वरन् अपने भक्तों पर ही जाति जनगणना का बम फोड़ दिया । भक्त गण समझ नहीं पा रहे कि एक एक कर जब राहुल गांधी की ही सारी नीतियां अपनानी थीं तो इसने साल तक भक्तों के मुंह से राहुल को पप्पू पप्पू क्यों कहलवाया ? जाति के आधार पर गणना सही ही थी तो फिर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट क्यों गए थे ? क्यों कहा था कि केवल चार जातियां हैं- गरीब, युवा, महिलाएं और किसान ? अब इन चारों से क्या जवाब दें ? चलिए करवा लीजिए जाति जनगणना भी मगर अब इस पाकिस्तान का क्या करना है, पहले ये तो बताओ ? टीवी वाले तो पाकिस्तान को नेस्तनाबूद कर आए , आप कब करोगे ? पार्टी लाइन के अनुरूप पहलगाम में सुरक्षा इंतजामों के बाबत हम किसी को बात नहीं करने देते । आतंकी कहां से आए और कहां गए , यह सवाल भी हमने वर्जित घोषित कर दिया है मगर जवाबी कार्रवाई क्या हो रही है, इस पर तो कुछ रौशनी डालो। झूठा सच्चा कोई छोटा मोटा हमला ही कर दो । कुछ भी समझ नहीं आ रहा तो अपने दोस्त ट्रंप से ही पूछ लो, हवा में गांठ बांधने में तो वह आपका भी उस्ताद है । चलिए यह ही बताइए कि पहलगाम के शहीदों के परिवारों को क्या मुंह दिखाएं ? आपने कहा है कि पानी रोकेंगे मगर बिना बांधों के पाकिस्तान का पानी कैसे रुकेगा, इसका रोड मैप क्या है, और कुछ नहीं तो थोड़ा बहुत यही समझा दो । कम से कम कुछ तो ऐसा बताओ जिससे इज्जत बच जाए । गाल बजाने का कोई सामान तो दो प्रभु । ग्यारह साल से आपकी बारात में बावलों की तरह नाच रहे हैं। हम लोगों को यूं आडवाणी और जोशी की तरह मार्ग दर्शक मंडल में तो न डालो मोदी जी ।
( यह चित्र ग्रोक ने तैयार किया है )