अविश्वास तेरा ही सहारा

रवि अरोड़ादस साल के आसपास रही होगी मेरी उम्र जब मोहल्ले में पहली बार जनगणना वाले आये । ये मुई जनगणना क्या होती है मेरी माँ को नहीं पता था । मोहल्ले में तरह तरह की अफ़वाहें थीं । कोई कह रहा था कि जिसके बच्चे दो से ज़्यादा होंगे…

पैसे नहीं तो आगे चल

रवि अरोड़ाशहर के सबसे पुराने सनातन धर्म इंटर कालेज में कई साल गुज़ारे । आधी छुट्टी होते ही हम बच्चे मेन गेट की ओर दौड़ पड़ते थे । बाहर खाने पीने के सामान का बाज़ार जो सज़ा होता था । कोई बच्चा गोलगप्पे खाता था तो कोई मटर की चाट…

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