ठहरे हुए लोग

रवि अरोड़ाबचपन से ही माता पिता के साथ गुरुद्वारों में माथा टेकने जाता रहा हूं । गुरुद्वारा परिसर में किसी निहंग सिख के दिखने पर माता पिता मुझे सिखाते थे कि इन्हे सत श्री अकाल कहो । पूछने पर वे बताते थे कि ये हमारी कौम के सिपाही हैं और…

मुंह किधर है

रवि अरोड़ाआज सुबह व्हाट्स एप पर किसी ने मैसेज भेजा कि हिंदुओं बाबा का ढाबा तो तुमने प्रचार करके चला दिया । बंद हो रही गीता प्रेस के लिए ऐसा कुछ क्यों नहीं करते ? याद आया कि साल भर पहले भी गीता प्रेस संबंधी ऐसे मैसेज खूब आए थे…

जहां जा रही है दुनिया

रवि अरोड़ामैने सन 1978 में एम एम एच कॉलेज में एडमिशन लिया था । पता चला कि कॉलेज में एक लड़का नशेड़ी है और स्मैक पीता है । घर वाले डर गए कि कहीं हमारा लड़का भी उसकी सोहबत में न पड़ जाए । यार दोस्तों के घर वालों की…

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